जीवन

एकान्त इक दिन बैठ सोचूँ कि, कैसा जीवन चाहिए? विचार-विश्व जो चित्र बनाता, वैसा जीवन चाहिए, कुछ ऐसा जीवन चाहिए।। निर्वात पत्र हो, श्वेत वस्त्र हो, कलम अस्त्र को हस्त थामे, अनंतसार लिखता ही जाऊँ। कुछ ऐसा जीवन चाहिए।। मन सी हो गति, कर्म के प्रति, हो कर्मयोग में ऐसी निष्ठा, जो कर्मयोगी नाम पाऊँ। … More जीवन

न जाने क्यों

न जाने क्यों मैं चल रहा हूँ। हार का सफ़र अनोखा, असत्य को देता हूँ मौका। जीवन की इस जंग में अरसे से मैं जल रहा हूँ। न जाने क्यों मैं चल रहा हूँ। अभी जीत में अंतर बड़ा है, सामने पूरा विश्व खड़ा है। मन ही मन में डर रहा हूँ। न जाने क्यों … More न जाने क्यों

FATHER FORGETS

Listen, son; I am saying this as you lie asleep, one little paw crumpled under your cheek and the blond curls stickily wet on your damp forehead. I have stolen into your room alone. Just a few minutes ago, as I sat reading my paper in the library, a stifling wave of remorse swept over … More FATHER FORGETS

मृत्यु

नाम उसका मृत्यु है। सृष्टि के प्रारम्भ में आकाश, तारों से भी पहले सर्वप्रथम आविष्कार था नाम उसका मृत्यु है। जीवन के आरंभ में गृहत्याग करने पर गर हार का जो भाव था नाम उसका मृत्यु है। स्वप्न की पहचान में कई वक्त से चलता ही जाऊँ हर मोड़ पर जब हार पाऊँ नाम उसका … More मृत्यु

THE WILL TO WIN

“Whenever you go out of doors, draw the chin in, carry the crown of the head high and fill the lungs to the utmost; drink in the sunshine; greet your friends with a smile and put soul into every handclasp. Do not fear being misunderstood and do not waste a minute thinking about your enemies. … More THE WILL TO WIN

एक सपना

अच्छा है कि प्रकृति ने सपने का भी निर्माण किया, नहीं तो अंतरिक्ष में जाकर ईश्क करना मुमकिन नहीं था। और अच्छा हुआ कि प्रकृति ने सपना बनाया नहीं तो उसे खोने का दर्द सहना मुश्किल हो जाता । अच्छा है कि सपना बना और अच्छा है कि अब मैं खुश हूँ । अचानक से … More एक सपना

विश्व शांति

​वृक्ष से मैं प्राण भरता ब्रम्हाण्ड का आव्हान् सुनता। वृहद पृथ्वी को देखकर मैं वृहद बडा विचार करता। ये कैसी शिक्षा कैसी दीक्षा पृथ्वी की कैसी परीक्षा। परमात्मा मुझको दे ये भिक्षा क्या है शिक्षा, क्या है शिक्षा। अभियांत्रिकी या यांत्रिकी शिक्षा है किस प्रांत की। ब्रम्हाण्ड ने अब गर्जना की मैं बात करता शांति … More विश्व शांति